Home सिनेमा रिव्यूGhamasaan Movie Review: प्रतीक गांधी और अरशद वारसी की भिड़ंत कैसी है?

Ghamasaan Movie Review: प्रतीक गांधी और अरशद वारसी की भिड़ंत कैसी है?

by khabarbharatnews

प्रतीक गांधी और अरशद वारसी की फिल्म ‘घमासान’ 11 सितंबर 2026 को ZEE5 पर रिलीज हुई है। तिग्मांशु धूलिया के निर्देशन में बनी यह फिल्म डकैत और पुलिस के बीच संघर्ष की कहानी को बुंदेलखंड की पृष्ठभूमि में पेश करती है।

फिल्म को सिनेमाघरों के लिए बनाया गया था, लेकिन लगभग दो साल की देरी के बाद इसे सीधे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया गया।

क्या है कहानी?

‘घमासान’ की कहानी बुंदेलखंड के इलाके में कानून और डकैतों के बीच चलने वाले संघर्ष पर आधारित है। फिल्म में प्रतीक गांधी और अरशद वारसी आमने-सामने नजर आते हैं।

अरशद वारसी ने महाराज नाम के डकैत का किरदार निभाया है, जबकि प्रतीक गांधी पुलिस पक्ष से जुड़े महत्वपूर्ण किरदार में दिखाई देते हैं।

अरशद वारसी का अलग अंदाज

अरशद वारसी को आमतौर पर कॉमेडी और हल्के-फुल्के किरदारों के लिए जाना जाता है, लेकिन ‘घमासान’ में वह एक गंभीर और खतरनाक डकैत की भूमिका में हैं।

निर्देशक तिग्मांशु धूलिया ने बताया था कि ‘सेहर’ में अरशद वारसी के प्रदर्शन से प्रभावित होकर उन्होंने उन्हें इस भूमिका के लिए चुना।

प्रतीक गांधी और सपोर्टिंग कास्ट

प्रतीक गांधी फिल्म में गंभीर भूमिका निभाते नजर आते हैं। राजपाल यादव भी फिल्म में महत्वपूर्ण सपोर्टिंग रोल में हैं और उनका प्रदर्शन फिल्म में अपनी अलग छाप छोड़ता है।

फिल्म की सबसे खास बात इसका लोकेशन और वातावरण है। Indian Express की समीक्षा के अनुसार बुंदेलखंड की वास्तविकता और वहां का माहौल फिल्म को दूसरी डकैत फिल्मों से अलग पहचान देता है।

कैसी है फिल्म?

फिल्म में एक्शन, पुलिस-डकैत संघर्ष और ग्रामीण भारत की पृष्ठभूमि को प्रमुखता दी गई है। Cinema Express ने इसे एक engaging thriller बताया है, हालांकि उसकी रेटिंग 3/5 रही।

वहीं Indian Express ने फिल्म को 2.5/5 की रेटिंग दी और अरशद वारसी के किरदार की कुछ सीमाओं की ओर भी इशारा किया।

हमारा फैसला

‘घमासान’ उन दर्शकों के लिए बेहतर विकल्प हो सकती है जिन्हें डकैत ड्रामा, पुलिस-कॉन्सपिरेसी और गंभीर क्राइम कहानियां पसंद हैं। फिल्म का माहौल और बुंदेलखंड की लोकेशन इसकी बड़ी ताकत है, जबकि कहानी और कुछ किरदारों का विकास हर दर्शक को समान रूप से प्रभावित नहीं कर सकता।

रेटिंग: ⭐⭐⭐/5

किसके लिए? अगर आपको ‘Paan Singh Tomar’ जैसी गंभीर ग्रामीण क्राइम और डकैत कहानियां पसंद हैं, तो ‘घमासान’ आपकी वॉचलिस्ट में हो सकती है।

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